Visit blogadda.com to discover Indian blogs कठफोड़वा: जुगाड़ से पहले का जुगाड़

जुगाड़ से पहले का जुगाड़


एक चुटकुला है. एक अमेरिकी मोटर साइकिल से ही भारत भ्रमण पर निकला पडा. रास्ते में एक जगह मोटर साइकिल खराब हो गई. बेचारा परेशान. अचानक एक आदमी मिला. बोला क्या समस्या है. मै आपकी मोटर साइकिल ठीक कर देता हूँ. दो मिनट में उसने मोटर साइकिल ठीक कर दी. अमेरिकी ने पूछा...तुमने कैसे ठीक किया. आदमी बोला..... कुछ नहीं थोड़ा जुगाड़ लगाया बस. अमेरिकी ने सोचा.... बड़ा अच्छा है यह जुगाड़. दूसरी बार भी मोटर साइकिल खराब हुई. एक और आदमी ने दो मिनट में उसे ठीक कर दिया . इस बार पूछने पर उस आदमी ने भी यही बताया की थोडा जुगाड़ लगाया और आपकी मोटर साइकिल ठीक हो गयी. अमेरिकी ने सोचा भाई ये जुगाड़ तो कमाल की टेक्नोलॉजी है. जब वह अमेरिका पहुचा तो उसने इस जुगाड़ के बारे में तब के प्रेसिडेंट बिल क्लिंटन को बताया. क्लिंटन भी इस जुगाड़ टेक्नोलॉजी से बहुत प्रभावित हुए. उन्होंने अटल बिहारी वाजपयी को फोन किया और कहा की आप चाहे तो हम कितना भी पैसा देने को तैयार है लेकिन आप हमें बदले में जुगाड़ टेक्नोलॉजी दे दे. वाजपयी जी ने जवाब दिया की महाशय आप चाहे जो मांग ले लेकिन जुगाड़ टेक्नोलॉजी न मांगे क्योंकि हमारी सरकार तो इसी के सहारे चलती है.

तो ये है महिमा जुगाड़ की. लेकिन सवाल ये है की जब हम एक सरकारी कलर्क बनने निकलते है तो तमाम तरह की जानकारियां जुटाते है. तैयारी करते है. फिर अगर असफल हो जाते है तो इसे अपनी नियति मान कर चुप बैठ जाते है. कोइ और काम कर लेते है. जाहिर है, हरेक फील्ड का अपना-अपना रिस्क फैक्टर है. क्या हम इसके बारे में सोचते है की कल को कुछ उल्टा-सीधा हो गया तो क्या करेंगे. हम जब मीडिया में आने की सोचते है तो क्या करते है. यहाँ तक की एक सही ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट भी नहीं तलाश पाते.
क्रमश:....................

Comments :

4 comments to “जुगाड़ से पहले का जुगाड़”
Suman ने कहा…
on 

nice

addictionofcinema ने कहा…
on 

sahi kaha

शरद कोकास ने कहा…
on 

अमरीका ने क्या जुगाड़ किया कि हमारे यहाँ के सारे इंजीनियर्स को वहाँ बुला लिया और अपनी मोटर साइकिल ठीक करवा कर अब वापस भेज रहा है ?

नीरज कुमार ने कहा…
on 

असल में अटल जी ने तो जुगाड़ दिया नही खुद अमरीका वालों ने जुगाड़ बुला लिया अब पता नही मोटर साइकिल ठीक करवा के वापस भेजा है या मतलब निकल गया तो पिछवाड़े लात मार के भगा दिया है

एक टिप्पणी भेजें