Visit blogadda.com to discover Indian blogs कठफोड़वा: मोबाइल पे अब भीख मांगें भीखारी

मोबाइल पे अब भीख मांगें भीखारी

मोहब्बत में बेकार अब डाकखाना।
नहीं प्रेम पत्रों का अब वो जमाना॥
जिसे देखिए वो मोबाइल लिए है।
मोबाइल के जरिए मरे है, जिए है॥

मोबाइल हुआ अब तो गाजर व मूली।
करें माफिया इससे हफ़्ता वसूली॥
मोबाइल पे कुछ हैं चुकाते उधारी।
मोबाइल पे अब भीख मांगें भीखारी॥

मोबाइल पे रोना मोबाइल पे हंसना।
मोबाइल से छुटना मोबाइल से फंसना॥
मोबाइल मोहब्बत का आधार है जी।
मोबाइल बिना अब कहाँ प्यार है जी॥

मोबाइल के जरिए मोहब्बत इजी है।
मोबाइल में हर एक बंदा बिजी है॥
मोबाइल भीतर लवर के हैं फोटो।
न लव हो, लवर हो मोबाइल पे लोटो॥

Comments :

1
संजय भास्कर ने कहा…
on 

बहुत खूब, लाजबाब !

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